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| Article Name : | | | साकेत ओर संयुक्त परिवार | | Author Name : | | | ओम प्रकाश बैरवा , संजय कुमार सिंह | | Publisher : | | | Ashok Yakkaldevi | | Article Series No. : | | | GRT-5722 | | Article URL : | |  | Author Profile View PDF In browser | | Abstract : | | | ‘साकेत’ मैथीलिशरण गुप्त का सर्वश्रेष्ठ काव्य है ! इसमे अपने युग के जीवन को समग्रत: चित्रित करने का प्रयास किया गया है ! इसमे द्दिवेदियुगीन नीतीमत्ता, आदर्श, पुनरुत्थानवादी सांस्कृतिक चेतना, मानवतावादी मानव-मूल्य आदि को प्रत्यक्षत: देखा जा सकता है! आचार्य रामचंद्र शुक्ल साकेत के महत्व को प्रतिपादित करते हुए लिखते है, “साकेत” कि रचना तो मुख्यत: इस उदेश्य से हुई कि उर्मिला काव्य कि उपेक्षिता न रह जाय!“ | | Keywords : | | |
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