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| Article Name : | | | अव्दैत तत्वज्ञान आणि सामजिक समता यांची सांगड घालणारी पं. श्रीधरशास्त्री पाठकांची तत्वप्रणाली | | Author Name : | | | रावसाहेब भिमराव नेरकर | | Publisher : | | | Ashok Yakkaldevi | | Article Series No. : | | | GRT-2934 | | Article URL : | |  | Author Profile View PDF In browser | | Abstract : | | | आद्य श्री शंकराचार्य अखिल भारत वर्षात वैदिक धर्माचा पवित्र झेंडा फडकविला . त्याचप्रमाणे अव्दैत तत्वज्ञानाचा प्रचार आणि प्रसार केला. ‘आद्य शंकराचार्य असे म्हणणे आहे की, (१) तू किंवा मनुष्याच्या डोळ्यास दिसणारे जगत – म्हणजे सृष्टीतील पदार्थाचे नानात्व – खरे नसून या सर्वात एकच शुद्ध व नित्य परब्रम्ह भरलेले आहे.आणि त्याच्या मायाने मनुष्याच्या इंद्रियास नानात्वाचा भास होत असतो . | | Keywords : | | |
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